Thursday, May 3, 2012

कि.....मैं तुम्हें......

मैं अपनी पलकों पर 
तुम्हारे 
इशारों के जाल 
बुनता हूँ......
तुम्हारे 
ख्वाबों की  उड़ान  में 
साथ-साथ 
उड़ता हूँ.......
सहेजता हूँ  तुम्हारी 
मिठास,
मन  के  कोने-कोने  में
कि.....मैं  तुम्हें
बेहद प्यार करता हूँ 

                                                                                                                                                                           

30 comments:

  1. madhur bhbbhini rachna .bhavvibhr kar gai.

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  2. waah..............

    is pyaar par pyaar aaya.....

    saadar.

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  3. वाह ...बहुत ही खूब ।

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  4. बहुत सुंदर सार्थक अभिव्यक्ति // बेहतरीन रचना //

    MY RECENT POST ....काव्यान्जलि ....:ऐसे रात गुजारी हमने.....

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  5. सहेजता हूँ तुम्हारी
    मिठास,
    मन के कोने-कोने में
    कि.....मैं तुम्हें
    बेहद प्यार करता हूँ
    प्यारी सी मीठी सी रचना...सादर

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  6. बहुत प्यारी अभिव्यक्ति

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  7. तुम्हारे
    ख्वाबों की उड़ान में
    साथ-साथ
    उड़ता हूँ.......
    when we love we fly,bend,as well as emergs.

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  8. वाह ॥कितने कोमल से एहसास ....

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  9. बहुत सुन्दर और भावपूर्ण रचना |
    आशा

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  10. मीठी |
    सुन्दर प्रस्तुति ।

    आभार ।।

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  11. Chhoti-si magar behad pyari rachana!

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  12. आपकी रचनाएँ सुकोमल भावों से ओत-प्रोत होतीं हैं ...बहुत सुंदर रचना ...
    .इस बार आपको आमंत्रित कर रही हूँ अपनी रचना पढ़ने के लिए ...!
    अपने विचार ज़रूर दीजियेगा ....!!

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  13. बहुत बढ़िया प्रस्तुति!
    आपकी प्रविष्टी की चर्चा कल शनिवार के चर्चा मंच पर लगाई गई है!
    चर्चा मंच सजा दिया, देख लीजिए आप।
    टिप्पणियों से किसी को, देना मत सन्ताप।।
    मित्रभाव से सभी को, देना सही सुझाव।
    उद्गारों के साथ में, अंकित करना भाव।।

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  14. इस पर अंग्रेजी में टिप्पणी देना चाहती हूं short and sweet :)

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  15. वाह बहुत खूब ......

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  16. बहुत खूब ... बयान करने का अंदाज़ भी लाजवाब ...

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  17. भावों से नाजुक शब्‍द......

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  18. सुकोमल अहसास से भरी सुंदर अभिव्यक्ती....
    सुंदर रचना....

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  19. han sach kaha yahi to bol hain jo jata jate hain ki vo bahut pyar karte hain.

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  20. एक विश्वास युक्त प्रभावी सन्देश ..
    शुभकामनायें आपको मृदुला जी !

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